अध्याय 9: शून्य का प्रहार (Strike of the Void)
एलीट मकड़ी (Elite Spider) एक भारी चट्टान की तरह विक्रम पर टूट पड़ी। उसके आठों पैर भालों की तरह हवा को चीरते हुए आए। विक्रम ने अपनी पूरी ताकत लगाकर बगल में छलांग लगाई, लेकिन मकड़ी की गति बहुत तेज़ थी। एक पैर उसके कंधे को छूकर निकला, जिससे उसकी 'जेड-स्किन' (Jade Skin) पर खरोंच आ गई और खून रिसने लगा।
"तेज़... यह बहुत तेज़ है!" विक्रम ने दाँत भींचे।
पीछे से छोटी मकड़ियों की फौज किसी काली लहर की तरह बढ़ रही थी। आचार्य यू अपनी थैली से बारूद निकाल रहे थे, लेकिन उनके हाथ कांप रहे थे।
विक्रम के हाथ में वह जंग लगा पुराना चाकू (Long Blade) था। उसे पता था कि साधारण वार से इस एलीट मकड़ी के कवच को नहीं तोड़ा जा सकता। इसका कवच स्टील से भी ज्यादा सख्त था।
तभी, उसकी जेब में रखी काली प्लेट (Legacy Tablet) गर्म हो गई।
विक्रम के दिमाग में एक अजीब सी छवि कौंधी। उसने देखा कि एक तलवार हवा को काट नहीं रही है, बल्कि वह जगह (Space) को ही विकृत कर रही है।
[सिस्टम अलर्ट: 'वॉयड स्लेश' (Void Slash) की अवधारणा का विश्लेषण किया जा रहा है... 10%... 20%...]
विक्रम के पास पूरा विश्लेषण होने का समय नहीं था। उसने एक जुआ खेला।
"आचार्य! पीछे हटो!" विक्रम चिल्लाया।
उसने अपनी आँखें बंद कर लीं। उसने अपने शरीर की सारी 'ओरिजिन ऊर्जा' (Origin Energy) को अपनी नाभि से खींचा और उसे अपनी बांहों के ज़रिए उस पुराने चाकू में धकेल दिया।
आम तौर पर, एक साधारण चाकू इतनी ऊर्जा बर्दाश्त नहीं कर सकता और टूट जाता। लेकिन विक्रम ने ऊर्जा को चाकू की सतह पर नहीं, बल्कि उसकी धार (Edge) के ठीक आगे केंद्रित किया। उसने उस 'शून्य' (Void) की कल्पना की जो उसने काली प्लेट के विजन में देखा था।
चाकू के आसपास की हवा कांपने लगी। चाकू का रंग काला पड़ गया, जैसे उसने रोशनी को सोख लिया हो।
एलीट मकड़ी ने विक्रम को खुला देखकर दोबारा हमला किया। इस बार वह उसे आर-पार भेदने के लिए सीधे झपटी।
विक्रम की आँखें खुलीं। उनमें अब पुतलियां नहीं, बल्कि गहरा अंधेरा दिख रहा था।
"वॉयड स्लेश... पहला रूप!"
उसने चाकू को हवा में घुमाया।
कोई आवाज़ नहीं हुई। कोई धमाका नहीं हुआ। बस एक काली, पतली रेखा हवा में खिंच गई।
वह काली रेखा एलीट मकड़ी के शरीर से गुजरी।
एक पल के लिए सब कुछ थम गया। मकड़ी अभी भी हवा में थी, विक्रम अभी भी अपनी मुद्रा (Stance) में था।
फिर, एक चटखने की आवाज़ आई।
विशालकाय एलीट मकड़ी बीच हवा में ही दो हिस्सों में बंट गई। उसका नीला खून किसी फव्वारे की तरह फूटा। उसका अभेद्य कवच कागज़ की तरह कट गया था।
[एलीट प्राणी 'ब्लू-ब्लड स्पाइडर' का शिकार किया गया।]
[ओरिजिन जीन +10 (अधिकतम सीमा पार - जमा नहीं किए जा सकते)]
[बीस्ट सोल प्राप्त: एलीट ब्लू-ब्लड स्पाइडर (कवच प्रकार)]
सिस्टम की आवाज़ विक्रम के कानों में संगीत की तरह गूंजी, लेकिन उसे जश्न मनाने का मौका नहीं मिला। जैसे ही उसने वार पूरा किया, उसके हाथ का चाकू धूल बनकर बिखर गया। और साथ ही, विक्रम के शरीर की सारी ताकत निचोड़ ली गई। वह घुटनों के बल गिर गया।
"लड़के!" आचार्य यू ने दौड़कर उसे संभाला। "यह... यह क्या था? तुमने हवा को काट दिया!"
"बाद में..." विक्रम ने हांफते हुए कहा। उसका चेहरा पसीने से लथपथ था। "बारूद... अब!"
छोटी मकड़ियां अब उनके पैरों तक आ चुकी थीं।
आचार्य यू ने बारूद की थैली में आग लगाई और उसे मकड़ियों के झुंड के बीच फेंक दिया।
धड़ाम!!!
एक जोरदार धमाका हुआ। गुफा की छत, जो पहले से ही कमजोर थी, ढहने लगी। चट्टानें गिरने से छोटी मकड़ियों का रास्ता ब्लॉक हो गया।
धूल और धुएं के बीच, आचार्य यू ने विक्रम को अपने कंधे पर उठाया और निकास द्वार की ओर भागे। विक्रम ने जाते-जाते एलीट मकड़ी के दो टुकड़ों के बीच से उसका चमकता हुआ 'लाइफ क्रिस्टल' और वह काली प्लेट उठाना नहीं भूला।
वे बाहर आए, तो देखा कि खदान का मुख्य हॉल भी वीरान हो चुका था। 'स्पाइडर किंग' शायद पहरेदारों का पीछा करते हुए ऊपर की सतह (Surface) की ओर चली गई थी।
विक्रम ने एक सुरक्षित कोने में दीवार से टेक लगाई। वह बुरी तरह थक चुका था, लेकिन उसके चेहरे पर एक विजयी मुस्कान थी।
"मुझे एक एलीट बीस्ट सोल मिली है," उसने मन ही मन सोचा। "और यह तकनीक... 'वॉयड स्लेश'। यह इस दुनिया में मेरा सबसे बड़ा हथियार बनेगी।"
लेकिन तभी, खदान के प्रवेश द्वार से तालियों की आवाज़ आई।
"वाह! क्या शानदार नज़ारा था," एक मधुर लेकिन जहरीली आवाज़ गूंजी।
धुएं के बीच से एक महिला बाहर आई। उसने लाल रेशमी कपड़े पहने थे और उसके हाथ में एक चाबुक था। उसके पीछे छह हथियारबंद एलीट गार्ड्स थे।
यह शहर की नई 'इनफोर्सर' (Enforcer) थी। और उसने विक्रम को वह तकनीक इस्तेमाल करते हुए देख लिया था।
"एक गुलाम, जो 'वॉयड आर्ट्स' जानता है?" वह महिला विक्रम के पास आई और उसकी ठुड्डी को अपने चाबुक से ऊपर उठाया। "तुम साधारण कचरा नहीं हो। अपना नाम बताओ, या मैं अभी तुम्हारी जीभ काट दूँ?"
