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Chapter 11 - sach

राज अपने रूम में बैठा है। और कुछ सोच रहा है तभी राजीव और सुनील वहाँ पर आते है। और सुनील कहता है चल राज फेरवेल पार्टी के लिए हम कपडे लेने चलते हैं।

मेरा मन नही है तुम दोनो लोग चले जाओ उसकी ये बात सुन को दोनों उसको पर कर रूम से बाहर ले जाते हैं।

राजीव कहता है इसकी ये ही नॉटकी चल रही है हर रोज यही अब चुप चाप चल वरना हमारे हाथो से पिटेगा। उसकी ये बात सुन राज हल्का-सा डर जाता है और दोनों के साथ चला जाता है।

इधर अरुण उदयपुर के सबसे महंगे होटल लिटी पैलेस में फेरखेल पार्टी और अरुण के रिलेशन को पब्लिक करने की तैयारी कर रहे हैं।

करण कहता है क्यो न हम कपल एंट्री करवाये उसकी ये बात सुन सभी हामी भर देते हैं। और सभी तैयारी में लग जाते हैं।

जल्दी ही टाइम बीत जाता है। और वो टाइम आ जाता है। जिसका सभी स्टुडेंट को इंतजार था फेरवेल पार्टी का इंतजार ।

अरुण और राधा सिटी पेलैस आ जाते हैं। तब उन दोनों को तैयार करते के लिए अरुण के दोस्त और उनकी गर्लफ़्रेंड अलग अलग कमरे मे ले जाते है।

जहाँ पर रिया और प्रियंका राधा को तैयार करती है । करण और अर्जुन मिलकर अरुण को तैयार करते करते है

इधर राज सुनील और राजीव तीनो भी पार्टी में जाने के लिए तैयार हो चुके थे और वो तीनो दीप्ति का वेट कर रहे होते है। कुछ देर में दीप्ति आ जाती है और वो तीनों वहा से पार्टी के लिए निकल जाते हैं। और कुछ देर में वहा पहुँच जाते हैं।

अरुण के सारे दोस्त नीचे आ जाते हैं। राज और उसके दोस्त भी पार्टी के हॉल में आ चुके होते है सभी लोग एंजॉय कर रहे होते हैं।

इन सब से अंजान राज पार्टी मे राधा को ढूँढ रहा होता है ताकी उससे वापस बात कर सके और समझना सके।

तभी सभी के कानों में होस्ट की आवाज आती है। तो लेडिज एंड जेन्टलमेंट आज हम फेरेवेल पार्टी मनाने के लिए यहाँ मौजूद हुए है। इसी के साथ मे आपको मै बता दु की ये पार्टी सिर्फ फेरवेल पार्टी नहीं है।

बल्क्ति इसके अलावा दो लोगो के रिलेशनशिप में आने कि खुशी में रखी गई है। ये सुन सभी लोगो एक्साइडेड हो जाते है और तालियों बजाने लगते है।

फिर हॉल की सारी लाइट बन्द हो जाती है और फिर एक स्पॉट लाइट चालू होती है।

जो उपर की एक तरफ की सिड़ियॉ पर पड़ती है जहाँ पर अरुण गोयनका खड़ा है। उसने ग्रे कलर का एक थ्री पिस सूट पहना है। जिसमे वो बहुत हैंडसम लग रहा है।

तभी दुसरी स्पॉट लाइट चालू होती है और दूसरी तरफ की सीडियॉ पर पड़ती है। जहाँ पर राधा खड़ी है। उसने एक रेड कलर की ऑफ सॉल्डर ड्रेस पहनी है। जिनमें वो बहुत खूबसूरत लग रही है।

उसे देखकर राजीव सुनील और दीप्ति चौंक जाते है। और तीनो राज की और देखते है। जो अभी भी राधा को नीचे लोगों में में ढूंढ रहा होता है

तीनो उसके पास आ जाते है। तब राज उन तीनो की तरफ देखता है। वो तीनो कुछ बोल पाते इतनी देर में राज की नजर राधा पर पड़ती है जो अरुण के हाथो में हाथ डालकर नीचे उतर रही होती है।

जिसे देखकर राज के पैरो तले जमीन खिचक जाती है। और कोई होश नहीं रहता है। अब तक राधा और अरुण स्टेज पर आ चुके है।

राज गुस्से में राधा के पास जाता है, और गुस्से में कहता है। राधा ये सब क्या है और तुम इस लड़के के साथ रही हो।

राज की आवाज सुन कर सभी उनकी तरफ देखते है।

तब राधा राज को गुस्से में कहती है तुम से मतलब मेरी मर्जी मेरी लाइफ में कुछ भी करू तुम्हे क्या।

तुम्हारा मतलब क्या है। तुम तो मेरी गर्लफ्रेंड हो तो ये सब क्या नाटक लगा रखा है।

नाटक मैने नही तुम ने लगा रखा है मैंने उस दिन ही तुम्हे बोल दिया कि मैं तुमसे कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती हुँ फिर मेरे पिछे क्यों पडे हो। उस दिन ही रिश्ता खतम हो गया था समझे।

और हाँ तुम्हारे पास है हि क्या जो तुम्हारे साथ मैं रहूँ कभी खुद को आईने मे देखा है ना अच्छी शक्ल, ना ही तुम्हारे पास पैसा है। तो फिर मैं तुम्हारे साथ रहु ही क्यो।

तभी ये सब सुनकर दीप्ति गुस्से में कहती है। ये क्या नाटक राधा तेरा प्यार इन सब चीजो से नही होता है। और मुझे नहीं पता था कि मेरी फ्रेंड ऐसी है।

फ्रेंड कि बात तो तुम करो करो ही मत समझी। तुम तो कोई फ्रेंड कहलाने लायक नहीं हो। तुम हमेशा अपने boy friend के दोस्त राज की वकालत लेकर आई हो। तुम जान बुझकर मुझे खड्डे में धकेल रही थी।

प्रिया सही टाइम पर नही आती तो तुम मुझे खड्डे में धकेल ही देती।

उसकी बात सुन दीप्ति को धक्का लगता है कि राधा उनके बारे में ऐसा सोचती है। और कुछ बोल नहीं पाती है।

अब क्या हुआ बोला नही जा रहा ना दीप्ति सच हमेशा कड़वा लगता है।

तभी राज गुस्से में राधा की तरफ बढ़ते हुए कहता है राधा तुमने ये सही नही किया मेरे प्यार का ये सिला दिया तुमने।

अरुण राज को राधा की तरफ बढ़ता देखकर उसे रोकने के लिए आगे आता है। तब राज गुस्से में कहता है हट जाओ मेरे रास्ते से इतना बोल कर बिना सोचे अरुण का कॉलर पकड कर उसे एक मुक्का मार देता है।

अरुण को मुक्का पड़ते ही उसे भी गुस्सा आ जाता है। फिर राज और अरुण दोनो लड़ने लग जाते है

जिसे देखकर राज के दोस्त राजीव और सुनिल राज को बचाने के लिए आ जाते है तभी अरुण के दोस्त भी अरुण को बचाने के लिए आगे आ जाते है। और सभी लड़ने लग जाते है

अचानक से पार्टी का खुशनुमा माहौल लडाई के मैदान में बदल जाता है।

अरुण और उसके दोस्त राज और उसके दोस्त पर भारी पड़ते हैं। है। और वो पाँचो मिलकर राज और उनके दोस्त को बहुत मारते है और उन लोगो को हॉटल से बाहर फेंक देते है। और वापस अन्दर आ जाते है

अब आगे राज क्या करेगा ? अरुण का अगला कदम क्या होगा ? इस लड़ाई की वजह से राज पर क्या मुसीबत आयेंगी ? राज और उसके दोस्तो का अगला कदम क्या होगा?

इन सभी सवालो के जवाब जानने के लिए पढ़तेे रहिए "Pyar Aur Power"

। । हर हर महादेव । ।

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