भारतीय सेना की चौकी स्थित थी। सन्नाटा इतना गहरा था कि सैनिकों की सांसों की आवाज़ भी साफ़ सुनाई दे रही थी। तभी रेडियो पर एक कोड वर्ड गूंजा—
"कोबाल्ट – 7... रेड अलर्ट... आतंकियों की मूवमेंट लोकेशन पर मिली है।"
सभी जवान तुरंत चौकन्ने हो गए।
उनमें एक चेहरा सबसे अलग चमक रहा था—कैप्टन अनन्या सिंह।
आंखों में दृढ़ निश्चय, होठों पर हल्की मुस्कान और दिल में मातृभूमि के लिए अटूट प्रेम।
वो जानती थी—आज की रात आसान नहीं होगी। शायद मौत से उसका सामना होना तय है... मगर उसके लिए मौत का मतलब सिर्फ एक ही था—भारत माता की गोद में अमरता।
दूर पहाड़ों में गोलियों की आवाज़ गूंजी।
अनन्या ने हाथ में इंसास राइफल थामी और धीरे से बोली—
"जय हिंद! अब खेल शुरू होता है..."
